जितेन्द्रसिंह राजपुरोहित
पुत्र श्री छगनसिंहजी राजपुरोहित
भारतीय संस्कृति, लोकइतिहास तथा धार्मिक परम्पराओं के अध्ययन एवं अनुसंधान के प्रति विशेष अभिरुचि रखते हैं। ऐतिहासिक साक्ष्यों एवं क्षेत्रीय परम्पराओं के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का प्रयास कर रहे हैं।